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भारत स्वाभिमान आन्दोलन - Bharat Swabhiman Andolan बाबा रामदेव - Baba Ramdev 2013-06-04T20:14:15+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/feed.php 2013-06-04T20:14:15+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12133#p12133 <![CDATA[सामान्य - General • Re:वोडाफ़ोन टैक्स मामले का निपटारा (????)]]> Statistics: Posted by SDD — Tue Jun 04, 2013 8:14 pm


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2013-06-04T20:11:16+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12132#p12132 <![CDATA[सामान्य - General • Re: स्वामी जी द्वारा फिर से मोदी की संस्तुति !]]> Statistics: Posted by SDD — Tue Jun 04, 2013 8:11 pm


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2013-06-04T20:10:24+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12131#p12131 <![CDATA[सामान्य - General • Re:विन्दू को बेल और श्रीसंथ को मकोका !]]> Statistics: Posted by SDD — Tue Jun 04, 2013 8:10 pm


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2013-06-02T22:44:40+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=2973&p=12130#p12130 <![CDATA[भ्रष्टाचार, भ्रष्ट राजनीति और राजनेता - Corruption, corrupt politics and politicians, social system corruption and problems • Re: अक्टूबर २०१३ में होगा अगला अनशन !]]> Statistics: Posted by SDD — Sun Jun 02, 2013 10:44 pm


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2013-06-02T22:33:41+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12129#p12129 <![CDATA[सामान्य - General • Re: दिल्ली चुनावों में होगा अरविन्द-शीला मुकाबला !]]> हम तो यही प्रार्थना करते हैं कि भगवान सभी को सद्बुद्धि दे |

Statistics: Posted by SDD — Sun Jun 02, 2013 10:33 pm


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2013-05-27T21:09:48+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12128#p12128 <![CDATA[सामान्य - General • Re: नक्सली हमले से उपजे प्रश्न !]]> आने वाले दिनों में ये बहस और तेज़ होगी कि क्या नक्सल आन्दोलन को कुचलने के लिए सेना का प्रयोग किया जाये ? कोई बड़ी बात नहीं कि ऐसा हो भी जाये, लोकसभा चुनाव आने वाले हैं और देश के काफी बड़े हिस्से में सत्तासीन राजाओं के दबदबे को चुनौती मिलती है, जहाँ सरकारी अमला (लाठी, डंडा, गुंडा, पुलिस ) बेअसर साबित होता जा रहा है।
जो प्रश्न उठने चाहियें और जिन्हें दबाया जा रहा है वो ये है कि वो क्या परिस्थितियां हैं जिन्होंने इस आन्दोलन को टीले से पहाड़ बनाया ? देश की आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से को हर प्रकार की बुनियादी सुविधा (शिक्षा, चिकित्सा, न्याय और प्रशासन) से महरूम तो नहीं रखा गया ? वो क्या कारण हैं जिनके चलते लाखों लोग अपना घर-बार छोड़ महानगरों के फूटपाथ पर गुजर-बसर करना बेहतर समझते हैं ? आखिर क्यों, लाखों लोग प्रति वर्ष आत्महत्या कर लेते हैं ?

Statistics: Posted by SDD — Mon May 27, 2013 9:09 pm


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2013-05-26T19:17:27+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12127#p12127 <![CDATA[सामान्य - General • Re: कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सली हमला !]]> Statistics: Posted by SDD — Sun May 26, 2013 7:17 pm


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2013-05-26T19:16:28+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12126#p12126 <![CDATA[सामान्य - General • Re: आईपीएल में सट्टेबाजी !]]> Statistics: Posted by SDD — Sun May 26, 2013 7:16 pm


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2013-05-26T19:15:13+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12125#p12125 <![CDATA[सामान्य - General • Re: प्रमोद कृष्णन को सरकारी सुरक्षा दी गयी !]]> Statistics: Posted by SDD — Sun May 26, 2013 7:15 pm


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2013-05-19T10:38:27+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12124#p12124 <![CDATA[सामान्य - General • Re: वालमार्ट को क्लीन चिट !]]> तो अब यह स्पष्ट नहीं है कि क्या वालमार्ट ने अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए करोड़ों खर्च किये भी या नहीं । वैसे भारत में रिश्वत देने के अनेकों मार्ग खुले रहते हैं । सरकार को वकील चला रहे हैं जो साथ-साथ निजी प्रैक्टिस भी करते हैं । कोई भी उनसे विचार विमर्श कर फीस दे सकता है और उसे खातों में भी दिखा सकता है ।
तो कानून की नज़र में सब कुछ, पाक-साफ है । रही बात नैतिकता की, तो बेशर्मी के इस युग में सब चलता है ।

Statistics: Posted by SDD — Sun May 19, 2013 10:38 am


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2013-05-17T18:20:44+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12123#p12123 <![CDATA[सामान्य - General • Re: पश्चिमी विज्ञानं की भयानक असफलता !]]> Statistics: Posted by SDD — Fri May 17, 2013 6:20 pm


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2013-05-13T21:49:21+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12122#p12122 <![CDATA[सामान्य - General • Re: अरविन्द ने आरम्भ की, दिल्ली चुनावों की तैयारी !]]> उत्सुक लोग इस लिंक पर देखें :-http://delhi.aamaadmiparty.org/news/candidate-selection-process-delhi-2013-0

Statistics: Posted by SDD — Mon May 13, 2013 9:49 pm


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2013-05-08T21:00:31+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12121#p12121 <![CDATA[सामान्य - General • Re:कर्णाटक के पर्याय !]]> Statistics: Posted by SDD — Wed May 08, 2013 9:00 pm


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2013-05-02T12:00:21+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12120#p12120 <![CDATA[सामान्य - General • Re: भटकते सिख, मूक दर्शक समाज !]]> इधर दिल्ली में सज्जन कुमार के बरी होने पर विरोध किया जा रहा है, मानो यह पहला व्यक्ति है जो बरी हुआ है | ७४ से ८४ के बीच जिन्होंने निर्दोष लोगों को बसों से उतार कर, बम आदि लगा कर मार डाला था, उनमे से भी कई बरी हुए होंगे, क्या उनके मुक़दमे भी दुबारा खोल कर उन्हें फाँसी दे देनी चाहिए ? क्या न्यायिक प्रक्रिया, प्रदर्शनों की गुलाम बना देनी चाहिए ?
यदि भिंडरावाले को महिमामंडित किया जा रहा है तो क्या ८४ के दंगाईयों को हार नहीं पहनाना चाहिए ? क्यों न, यमुना के किनारे, कोई उचित स्थान देख कर, इन का भी भव्य स्मारक बनाया जाये ?
मूर्खता के जिस मार्ग पर सिख समाज के अगुआ उसे ले जा रहे हैं वो कहाँ जा कर रुकता है यह सबने देखा है | हम तो यही कामना कर सकते हैं कि ईश्वर इन्हें फिर से गुरुओं के दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे |

Statistics: Posted by SDD — Thu May 02, 2013 12:00 pm


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2013-04-26T20:57:12+05:30 http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?t=1935&p=12119#p12119 <![CDATA[सामान्य - General • Re: आचार्यकुलम के उद्घाटन में मोदी !]]> गाँधी जी ने बेहद ही ख़राब तरीके से देश का विभाजन कराया, नेहरु जी ने आज़ाद देश में भ्रष्टाचार की अनिवार्यता को स्वीकार किया और पंचशील के चक्कर में, देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया, इंदिरा जी ने तो लोकतंत्र ही मिटा दिया, राजीव भैय्या ने कभी नानी याद दिलाई कभी गणतंत्रता दिवस मनाया और फिर हुआ बोफोर्स, राजा मांडा ने मंडल कमीशन का तांडव कराया तो लौह पुरुष, सरदार आडवानी, राम जन्मभूमि को भुला, जिन्नाह की कब्र पर पिघलते दिखाई दिए, अटल जी की बारी आयी तो LOC से सेना हटा कारगिल की नींव रख दी, सैंकड़ों सैनिक मरवा दिए पर वायु सेना को आक्रमण की अनुमति नहीं दी, तहलका के स्टिंग से मुँह काला हुआ तो देश को "इंडिया शाइनिंग" का नारा दे चलते बने ।
समय-समय पर राष्ट्र-प्रेमियों ने विभिन्न लोगों को समर्थन दे धोखा खाया है, आप चाहो तो यह परंपरा आगे भी जारी रखी जा सकती है किन्तु मेरी समझ में नहीं आता कि आखिर कब तक हम एक ही गलती बार-बार दोहराते रहेंगे ? गलती से अपना तात्पर्य स्पष्ट कर दूं, विश्वास करना गलती नहीं है, परन्तु बार-बार, राष्ट्र के लिए कुछ लिए बिना, अन्धविश्वास करना, सरासर मूर्खता है । यदि हर बार, विश्वास करने से पहले, राष्ट्र के लिए भी कुछ हासिल कर लिया होता तो एक करोड़ गायें प्रतिबर्ष, कट नहीं रही होतीं । भारत में एक सबल राष्ट्रवादी पक्ष होता और हालात कुछ और ही होते । देशभक्त होने के लिए कतई आवश्यक नहीं की आप मूर्ख (भोले ) भी हों ।

Statistics: Posted by SDD — Fri Apr 26, 2013 8:57 pm


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